08/11/2025
अंताक्षरी में अफसाना
1. सुरेश वाडेकर (जीवनधारा) :
समय के दर्पण में
समय के दर्पण में
सुख दुःख अपना देखे
आओ हम तुम मिल जुल के एक सपना देखे
आओ हम तुम मिल जुल के एक सपना देखे
समय के दर्पण में
सुख दुःख अपना देखे
आओ हम तुम मिल जुल के एक सपना देखे
आओ हम तुम मिल जुल के एक सपना देखे
2. लता मंगेशकर (ममता) :
खोये हम ऐसे क्या है मिलना
क्या बिछड़ना नहीं है, याद हमको
गुंचे में दिल के जब से आये
सिर्फ़ दिल की ज़मीं है, याद हमको
इसी सरज़मीं, इसी सरज़मीं पे
हम तो रहेंगे, बन के कली बन के सबा बाग़े वफ़ा में
रहें ना रहें हम ...
3. मुकेश (साथी) :
मेरा प्यार भी तू है ये बहार भी तू है
तू ही नज़रों में जान-ए-तमन्ना
तू ही नज़ारों में
मेरा प्यार भी तू है ये बहार भी तू है
तू ही नज़रों में जान-ए-तमन्ना
तू ही नज़ारों में
4. लता (हीर रांझा) :
मिलो न तुम तो हम घबराये
मिलो तो आँख चुराये
हमें क्या हो गया है
तुम्हीं को दिल का राज़ बतायें
तुम्हीं से राज़ छुपायें
हमें क्या हो गया है ...
5. मोहम्मद रफी (दिल दिया दर्द लिया) :
मुखड़ा न छुपा यूं हाथों से
दिन को न बदल अब रातों से
दिन को न बदल अब रातों से
गुलशन में बिखरने दे नग्मे
तू प्यार की मीठी बातों से
ऐ हुस्न की देवी आँख मिला
अपनों से कोई शर्माता है
जब दिल से दिल टकराता है
मत पूछिए क्या हो जाता है
झुकती है नज़र रूकती है जुबां
माथे पे पसीना आता है
जब दिल से दिल टकराता है...
6. आशा भौंसले (कश्मीर की कली) :
हाय.. इशारों इशारों में दिल लेनेवाले
बता ये हुनर तुने सीखा कहाँ से!
रफी : निगाहों निगाहों जादू चलाना
मेरी जान सीखा है तूने जहाँ से!
आहा आ हा आ..
आशा : आहा आ आ आ..
रफी : ओ मेरे दिल को तुम भा गये मेरी क्या थी इसमें खता,
मुझे जिसने तड़पा दिया यही थी वो जालिम अदा!
यही थी वो जालिम अदा!
ये रांझा की बातें ये मजनूं के किस्से अलग तो नहीं है मेरी दास्तां से!
आशा: इशारों इशारों में दिल लेनेवाले
बता ये हुनर तुने सीखा कहाँ से!
7. रफी (सूरज) :
सरकार, हुआ प्यार, ख़ता हमसे हुई है
अब दिल में तुम ही तुम हो, ये जाँ भी तेरी है!
अब चीर के इस दिल को कह दो तो दिखा दूँ मैं,
गुस्ताख़ी माफ़, गुस्ताख़ी माफ़!
चेहरे पे गिरी ज़ुल्फ़ें कह दो तो हटा दूँ मैं,
गुस्ताख़ी माफ़, गुस्ताख़ी माफ़!
इक फूल तेरे जूड़े में कह दो तो लगा दूँ मैं,
गुस्ताख़ी माफ़, गुस्ताख़ी माफ़...
8. लता (प्रेम कहानी) :
फूल आहिस्ता फेंको फूल बड़े नाजुक होते हैं
फूल आहिस्ता फेंको..
9. रफी (प्रोफेसर) :
कभी खुल के मिलना कभी खुद झिझकना
कभी रास्तों पे बहकना मचलना
ये पलकों की चिलमन उठाकर गिराना,
गिराकर उठाना गजब हो गया!
ऐ फूलों की रानी बहारों की मल्लिका
तेरा मुस्कुराना गजब हो गया..
10.
8. लता (आये दिन बहार के) :
फूलों की डालियाँ भी यही गीत गा रही हैं
घड़ीयां पिया मिलन की नज़दीक आ रही हैं
हवाओं ने जो छेड़े हैं, फसाने हैं वो प्यार के!
संभल जाओ चमनवालो के आये दिन बहार के
सुनो सजना सुनो सजना...
9. रफी (सूरज) :
नज़ारों हर तरफ़ अब तान दो इक नूर की चादर
बडा शर्मीला दिलबर है, चला जाये न शरमा कर
ज़रा तुम दिल को बहलाओ
मेरा महबूब आया है मेरा महबूब आया है
बहारों फूल बरसाओ
मेरा महबूब आया है, मेरा महबूब आया है..
10.
10. हेमलता (विश्वास) :
हम तुम, हम तुम जन्मों के साथी
हम तुम हों जिस दुनिया में
प्यार ही प्यार है वहां..
11, मुकेश (संयोग) :
हम भी वही है दिल भी वही है धड़कन मगर नई है
लता: हो.. देखो तो प्रीत आंखों में मीत क्या रंग भर गई है,
हां.. क्या रंग भर गई है!
दोनों : एक मंजिल राही दो फिर प्यार न कैसे हो
फिर प्यार न कैसे हो
साथ मिले दो दिल तो फिर प्यार न कैसे हो
फिर प्यार न कैसे हो...
12. आनंद बख्शी (मोम की गुड़िया) :
हो..... बागों में बहार आई
बागों में बहार आई होठों पे पुकार आई
आजा आजा मेरी रानी..
लता: रूत बेकरार आई
रूत बेकरार आई डोली में सवार आई
आजा आजा मेरे राजा ..
13. रफी (आया सावन झूम के) :
जाने किसको किसकी याद आई कि चली पुरवाई,
लता: जाने किस बिरहन का मन तरसा कि पानी बरसा!
संगी साथी : हो...
रफी: कंगना.. हाय
कंगना लाये कि घर लौट के आये रे परदेसी बिदेसवा से घूम के
हो आया सावन (हो झूम के
आया सावन झूम के..)
14. लता (आशिक) :
क्यूं घिरी घटा तू ही बता
क्यूं हंसी फिजा तू ही बता
फूल क्यूं खिला तू ही बता आ..
मुकेश : किस राह पे चलना है
किस गाह पे रूकना है
किस काम को करना है
बतला कि मैं कौन हूँ!
मेहताब तेरा चेहरा...
15. लता (चुपके चुपके) :
रंगीली रूत आ के रंग देती है इनको
रंगीली रूत आ के रंग देती है इनको
मुकेश : नहीं तुम सी कोई गोरी चूम लेती है इनको,
फूलों को फूलों को होठों के रंग रूप मिलते हैं
हो मिलते हैं..
लता : हो हो बागों में..
16. मुकेश (पत्थर के सनम) :
महबूब मेरे महबूब मेरे
महबूब मेरे महबूब मेरे
तू है तो दुनिया कितनी हसीं है
जो तू नहीं तो कुछ भी नहीं है
महबूब मेरे महबूब मेरे महबूब मेरे महबूब मेरे
महबूब मेरे महबूब मेरे..
लता : महबूब मेरे महबूब मेरे
महबूब मेरे महबूब मेरे
तू है तो दुनिया कितनी हसीं है
जो तू नहीं तो कुछ भी नहीं है
महबूब मेरे महबूब मेरे...
17. रफी (मेरे सनम) :
रोका कई बार मैंने दिल की उमंग को
क्या करूं मैं अपनी निगाहों की पसंद को
ओ जाने जां तू ही मेरी प्यार का जहान है
हो.. आ...
आशा : रोका कई बार मैंने दिल की उमंग को
क्या करूं मैं अपनी निगाहों की पसंद को
ओ जाने जां तू ही मेरी प्यार का जहान है
हो.. आ...
18. रफी (तलाश) :
आज को जुनली रात मा
धरती पर है आसमा
कोई रे बन के चांदनी
उतरा मन के आंगना
लता : चंदा रे तू जा न जा
दोनों : आज को जुनली रात मा..
19. मुकेश (नजराना) :
मुहब्बत के भँवरे की पहचान क्या?
मुहब्बत के भँवरे की पहचान क्या?
लता : ये कलियों से पूछो हमें क्या पता
हर्जाई होगा
मुकेश : हम तो नहीं हैं
लता : कहीं सीख लेना न तुम ये अदा
मुकेश : ज़ुबाँ पर कभी बात ऐसी न लाना
लता : क्यों?
मुकेश : इस लिये
कि दुनियाँ से रस्म-ए-वफ़ा मिट न जाये
लता : मुहब्बत के नग़मे तुम भी न गाना
मुकेश : क्यों?
लता : इस लिये
कि भँवरा तुम्हारी हँसी न उड़ाये
20. मुकेश (आशिक) :
ये तो कहो… ये तो कहो
कौन हो तुम, कौन हो तुम
ये तो कहो कौन हो तुम, कौन हो तुम
मुझसे पूछे बिना दिल में आने लगे
मुझसे पूछे बिना दिल में आने लगे
ये तो कहो कौन हो तुम, कौन हो तुम
मीठी नजरो से बिजली गिराने लगे
मीठी नजरो से बिजली गिराने लगे
ये तो कहो कौन हो तुम, कौन हो तुम...
21. लता (जल बिन मछली) :
मेरी आँखें पढ़िए
मुकेश : उहूं उहूं हूं
लता : कुछ लिखा होगा
मुकेश : उहूं उहूं हूं
लता : धड़कन सुनते हो
मुकेश : उहूं उहूं हूं
लता : दिल सुनता होगा
मुकेश : वैसे तो है मेरे दिल में भी हलचल फिर भी,
हलचल वो क्या दिल के लिए फिर भी..
तूफ़ाँ में जो जीने का जो समान न बन जाये ...
लता : ( ना बन जाए ) -२
बात है एक बूंद सी दिल के प्याले में
बात है..
22. येसुदास (चितचोर) :
हो... चाँदनी रातों में, हाथ लिए हाथों में
हेमलता : चाँदनी रातों में, हाथ लिए हाथों में
दोनों: डूबे रहें एक दूसरे की, रस भरी बातों में
येसुदास : तू जो मेरे संग में -२
मुस्कुरा ले, गुनगुना ले
तो ज़िंदगी हो जाए सफ़ल
हेमलता : तू जो मेरे मन का...
दोनों: तू जो मेरे सुर में...
23. मुकेश (रोटी कपड़ा मकान) :
मैं ना भूलूँगा,
लता : मैं ना भूलूँगी
मुकेश : मैं ना भूलूँगा,
लता : मैं ना भूलूँगी
मुकेश : इन रस्मों को इन क़समों को इन रिश्ते नातों को
मैं ना भूलूँगा,
लता : मैं ना भूलूँगी,
मैं ना भूलूँगी,
मुकेश : मैं ना भूलूँगा,
लता : इन रस्मों को इन क़समों को इन रिश्ते नातों को
मुकेश : मैं ना भूलूँगा,
लता : मैं ना भूलूँगी,
मैं ना भूलूँगी,
मुकेश : मैं ना भूलूँगा,
लता : मैं ना भूलूँगी..
हो ओ... हो ओ ओ...
24. मुकेश (उम्र कैद) :
एक हैं हम और एक रहेंगे, सुख में भी और दुख में भी
हो एक हैं हम और एक रहेंगे, सुख में भी और दुख में भी
लता : जब-तक है साँसों का बंधन
जब-तक है साँसों का बंधन
ये बंधन टूटे न कभी
मुकेश : जनम-जनम ये रस्में निभाने की
जनम-जनम ये रस्में निभाने की
क़समें खाना याद रहेगा
दोनों : हो याद रहेगा प्यार का ये रंगीन जमाना याद रहेगा..
25. किशोर (गाइड) :
गाता रहे मेरा दिल
लता : तू ही मेरी मंजिल
किशोर : गाता रहे मेरा दिल तू ही मेरी मंजिल
हाय कहीं बीते ना ये रातें कहीं बीते ना ये दिन
कहीं बीते ना ये रातें कहीं बीते ना ये दिन
लता : गाता रहे मेरा दिल तू ही मेरी मंजिल
हाय कहीं बीते ना ये रातें कहीं बीते ना ये दिन
कहीं बीते ना ये रातें कहीं बीते ना ये दिन (नी बलिये)
किशोर : गाता रहे मेरा दिल..
26. लता (नमस्ते जी) :
लबों पर हंसी ये क़ातिल, गजब जादू निगाहों में
मुकेश : ओ..
लता : हो कसम तुझको मोहब्बत की मचल ना ऐसे राहों में ऐसे राहों में
मुकेश : मचल जाता है दिल जब रूबरू दिलदार आता है
लता : हो शरारत कर ना नाजुक दिल शरम से डूब जाता है!
मुकेश : बहारों थाम लो अब दिल..
11. लता ( प्यासा सावन) :
हर इक मुश्किल सरल लग रही है
मुझे झोपडी भी महल लग रही है
इन आँखों में माना नमी ही नमी है
मगर इस नमी पर ही दुनिया थमी है
तेरा साथ है तो मुझे क्या कमी है
अंधेरो से भी मिल रही रोशनी है
तेरा साथ है तो..
12. मुकेश (आशिक) :
तुम जो हमारे मीत न होते, गीत ये मेरे गीत न होते
हँसके जो तुम ये रंग न भरते, ख़्वाब ये मेरे ख़्वाब न होते
तुम जो हमारे ...
13. लता (दिल एक मंदिर) :
रुक जा रात ठहर जा रे चंदा बीते न मिलन की बेला
आज चांदनी की नगरी में अरमानों का मेला
रुक जा रात ठहर जा रे चंदा ...
14. रफी (भींगी रात) :
दिल जो न कह सका वही राजे दिल
कहने की रात आई
दिल जो न कह सका वही राजे दिल
कहने की रात आई
दिल जो ना कह सका..
15. लता (दुल्हन एक रात की) :
कितने जतन से यह रूप सजाया मैंने सजना
सोए हुए सपने को फिर जगाया मैंने सजना
मैं तो दूबी प्रेम रस में
मैं तो दूबी प्रेम रस में
अब नहीं मैं अपने बस में
मैंने रंग ली आज चुनरिया
सजना तोरे रंग में..
16. रफी (उम्मीद) :
मेरी ज़िन्दगी में तू है
मेरे पास क्या कमी है
जिसे ग़म नहीं खिज़ा का
वो बहार तूने दी है!
मेरी ज़िन्दगी में तू है
मेरे पास क्या कमी है
जिसे ग़म नहीं खिज़ा का
वो बहार तूने दी है!
मेरे हाल पर हुई है
तेरी ख़ास महरबानी
तेरे पास मेरा दिल है
मेरे प्यार की निशानी!
17. लता (मेरा साया)
नैनों में बदरा छाये बिजली सी चमके हाय
ऐसे में बलम मोहे गरवा लगा ले!
नैनों में बदरा छाये बिजली सी चमके हाय
ऐसे में बलम मोहे गरवा लगा ले...
18. रफी (गाइड) :
लाख मना ले दुनिया, साथ न ये छूटेगा
आ के मेरे हाथों में, हाथ न ये छूटेगा
लाख मना ले दुनिया, साथ न ये छूटेगा
आ के मेरे हाथों में, हाथ न ये छूटेगा
ओ मेरे जीवन साथी...
तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं
हो जहाँ भी ले जाएं राहें, हम संग हैं..
17. लता (मेरे हुजूर) :
हम राहें वफा से कभी पीछे ना हटेंगे
हम राहें वफा से कभी पीछे ना हटेंगे
हम राहें वफा से कभी पीछे ना हटेंगे
सुन लीजिये मिट जायेंगे हम आप की खातिर
सुन लीजिये मिट जायेंगे हम आप की खातिर
18. हेमंत कुमार (कोहरा) :
राह बनी खुद मंजिल पीछे रह गई मुश्किल
साथ जो आये तुम
राह बनी खुद मंजिल पीछे रह गई मुश्किल
साथ जो आये तुम
राह बनी खुद मंजिल...
19. हेमलता (दुल्हन वही जो पिया मन भाये):
ले तो आये हो हमें सपनों की गांव में
प्यार की छांव में बिठाये रखना
सजना ओ सजना
सजना ओ सजना..
20. रफी (जानवर):
न तुमसा कोई जमाने भर में
तुम्ही को चाहा मेरी नजर ने
तुम्ही को चाहा मेरी नजर ने
तुम्हें चुना चुना है तुम्हें चुनेगी
सदा रही है सदा रहेगी!
मेरी मुहब्बत जवां रहेगी
सदा रही है सदा रहेगी!
21. लता (यकीन) :
गर तुम भूला न दोगे सपने सच ही होंगे
हम तुम जुदा न होंगे
हम तुम...
22. रफी (नाईट इन लंदन) :
मेरे जीते जी यार तुम्हे, मेरी सारी जागीर मिले
वो ख़्वाब जो मैं ने देखे हैं, उन ख़्वाबों की ताबीर मिले
हर एक तमन्ना के बदले में आज ये हसरत करता हूँ
ये दिल ये जाँ मिले तुमको...
बाहोश-हवास मैं दीवाना ये आज वसीयत करता हूँ
ये दिल ये जाँ मिले तुमको मैं तुमसे मुहब्बत करता हूँ
23. लता (असली नकली) :
है शबाब पर उमंग हर खुशी जवान है
मेरे दोनो बाहों में, जैसे आसमान है
चलती हूँ मैं तारों पर
फिर क्यों मुझको लगता है डर
तेरा मेरा प्यार अमर
फिर क्यों मुझको लगता है डर
मेरे जीवन साथी बता
क्यों दिल धड़के रह रह कर
तेरा मेरा प्यार अमर
फिर क्यों मुझको लगता है डर
मेरे जीवन साथी बता....
24. महेंद्र कपूर (ये रात फिर ना आयेगी) :
तुम्हें छीन ले मेरी बाहों से कोई
मेरा प्यार यूं बेसहारा नहीं है
तुम्हारा बदन चांदनी आके छूले
मेरे दिल को ये भी गवारा नहीं है
कोई भी अगर तुमसे आके मिले तो
तुम्हारी क़सम है मेरा दिल जलेगा
मेरा प्यार वो है..
25. लता (महबूब की मेंहदी) :
हूं........
इस ज़माने में इस मोहब्बत ने
कितने दिल तोड़े कितने घर फूँके
जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं - २
दिल के बदले दर्द-ए-दिल लिया करते हैं
जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं
26. रफी (हम किसी से कम नहीं) :
है अगर दुश्मन जमाना गम नहीं गम नहीं
कोई आये कोई हम किसी से कम नहीं कम नहीं
है अगर दुश्मन..
27. लता (ब्लैकमेल) :
नैना मेरे रंग भरे सपने तो सजाने लगे
क्या पता प्यार की शम्मा जले ना जले!
नैना मेरे रंग भरे सपने तो सजाने लगे
क्या पता प्यार की शम्मा जले ना जले!
28. रफी (दो बदन) :
लगे हैं शम्मा पर पहरे जमाने की निगाहों के
लगे हैं शम्मा पर पहरे जमाने की निगाहों के
जिन्हें जलने की हसरत है वो परवाने कहाँ जायें!
मोहब्बत हो गई जिनको वो दीवाने कहां जायें।
भरी दुनिया..
29. लता (मुगले आजम) :
इंसान किसी से दुनिया में एक बार मुहब्बत करता है,
इस दर्द को लेकर जीता है इस दर्द को लेकर मरता है!
प्यार किया तो डरना क्या जब प्यार किया तो डरना क्या,
प्यार किया कोई चोरी नहीं की छुप छुप आहें भरना क्या!
जब प्यार किया तो डरना क्या
जब प्यार किया तो डरना क्या..
30. रफी (एक नज़र) :
ये दुनिया बिजली गिराये ये दुनिया कांटे बिछाये
ये इश्क मगर कब माने है
पत्ता पत्ता बुटा बुटा हाल हमारा जाने है!
पत्ता पत्ता..
31. लता (मेरा साया) :
तू अगर उदास होगा तो उदास हूंगी मैं भी
तू अगर उदास होगा तो उदास हूंगी मैं भी,
नजर आऊं या न आऊं तेरे पास हूंगी मैं भी!
तू कहीं भी जा रहेगा मेरा साया साथ होगा!
तू जहाँ जहाँ चलेगा मेरा साया साथ होगा!
मेरा साया मेरा साया
मेरा साया मेरा साया..
32. रफी (उस्तादों के उस्ताद) :
ये कैसी उदासी है जो हुश्न पे छाई है
हम दूर नहीं तुमसे कहने को जुदाई है!
अरमान भरे दो दिल फिर एक जगह होंगे!
सौ बार जनम लेंगे सौ बार फना होंगे,
ऐ जाने वफा फिर भी हम तुम न जुदा होंगे!
सौ बार जनम लेंगे..
34. लता (साधना)
गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज हूं,
गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज हूं,
तू भी मेरा साथी बन जा मैं तेरी हमराज हूँ!
गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज हूं....