03/10/2022
आईये विचार करें देवी देवता का जीवन में कहाँ पर जरुरत है... जब भूख लगता है रोटी की जरुरत, जब प्यास लगता है पानी की जरूरत, जब दम घुटता है हवा की जरुरत, जब ठंड लगता है आग या गर्म कपड़े की जरुरत, जब कोई हमला करता है लाठी डंडे की जरुरत, जब स्थिति दयनीय तो रुपये की जरुरत, जब तबीयत खराब तो डाक्टर की जरुरत, जब नौकरी करना है तो डिग्री की जरुरत, जब पदोन्नति लेना हो तो संविधान की जरुरत, जब राजनीति करना है तो वोट की जरुरत, जब कोई अत्याचार करे तो कोर्ट की जरुरत, जब पढा़ई करना हो तो स्कूल की जरूरत, जब धूप बरसात से बचना है तो घर की जरूरत,जब प्रगति करना है तो परिश्रम की जरूरत... कहाँ पर काम देवी देवता के नाम जपने से पूरा हुआ सब मन का भ्रम है मनोकामना पूर्ण करने के लिए जरुरी तो बस एक परिश्रम है...प्रकृति में करोडो़ तरह के जीव जन्तु मौजूद है किसी को कभी भी देवी देवता की जरुरत महसूस नहीं हुआ जबकि समस्त जीव जन्तु में मनुष्य ही ऐसा जीव है जिसमें सजीव निर्जीव, सत्य असत्य,काल्पनिक हकीकत का ज्ञान होता है ये भी ज्ञान है बिना परिश्रम का कोई महान नहीं होता फिर भी बाबा साधु महात्मा ज्योतिषी के चक्कर में धन समय बुद्धि बर्बाद करते हैं!